Saturday, 12 November 2011

चाहते हैं पैसा बढ़े और बचत भी..तो बोलें यह देवी मंत्र

पैसा यानी द्रव्य मुद्रा, लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। यह जीवन में अनेक विषय और कामनाओं की पूर्ति के लिये किए जाने वाले हर कर्म की गति को बरकरार रखता है। इसलिए जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने लिए धन अर्जन यानी अर्थ प्राप्ति धर्म माना गया है।

अगर आप भी धन प्राप्ति के रूप में ऐसे ही धर्म पालन में कठिनाई का सामना कर रहें हैं या परिवार, कारोबार की जरूरतों को पूरा करने के लिए आमदनी कम और खर्चा अधिक होने की समस्या से जूझ रहे हैं तो दुर्गा सप्तशती के इस देवी मंत्र का ध्यान शुक्रवार या नवमी तिथि की शाम देवी की लाल चंदन, लाल फूल, नैवेद्य अर्पण व धूप-दीप के साथ पंचोपचार पूजा के बाद आर्थिक संकट दूर करने की कामना के साथ जरूर करें -

करोतु सा न: शुभहेतुरीश्वरी

शुभानि भद्राण्यभिहन्तु चापद:।

- अंत में देवी की धूप व दीप आरती करें व धनलाभ की कामना करें। धार्मिक दृष्टि से यह देवी मंत्र विशेष बड़ा ही मंगलकारी व संकटनाशक माना गया है।

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