इस साल नागपंचमी पर्व बुधवार को हस्त नक्षत्र के साथ आ रहा है। इससे पहले 2008 में हस्त नक्षत्र पर नागपंचमी थी। इस साल पंचमी के पर्व पर 100 साल बाद विशेष संयोग बन रहा है।
इस विशेष संयोग का बनना ये इशारा करता है कि सभी राशि वालों को नागपंचमी पर होने वाली कालसर्प दोष की शांति और पूजा का पूरा फल मिलेगा। इस विशेष संयोग पर होने वाली पूजा का विशेष प्रभाव कुछ राशि वालों को मिलेगा। मेष, वृष, मिथुन, कर्क, कन्या, वृश्चिक और मीन राशि वाले इस दिन कालसर्प दोष की शांति करवाते हैं तो उन्हे इस पूजा का विशेष फल प्राप्त होगा।
क्यों विशेष है ये योग-
इस बार नागपंचमी के विशेष संयोग में सालों बाद पंचमी पर्व पर सिद्धि योग बन रहा है और सर्प नक्षत्र (अश£ेषा और मृगशिरा) में तीन बड़े ग्रह है इसके साथ ही गोचर में हस्त नक्षत्र में शनि और चंद्र एक साथ है। सूर्य अश्लेशा नक्षत्र में है। मंगल और केतु मृगशिरा नक्षत्र में है। गोचर में हस्त नक्षत्र में शनि और चंद्र की युति 30 साल बाद बन रही है।
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